Raigarh Reporter

Latest Online Breaking News

रायगढ़ के गाताडीह समिति में करीब दो करोड़ का गबन, रायपुर राजनीति के पॉवर हाउस से गया फोन और फिर सब कुछ आल इज वेल हो गया!

.
रायपुर। धान खरीदी में फर्जीवाड़ा करने वालों पर प्रशासन की लाठी एक जैसी ताकत से नहीं बरसती। इसका उदाहरण छत्तीसगढ़ रायगढ़ जिले के गाताडीह, जैमूरा और उलखर सोसायटी के मामले में देखा जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक गाताडीह में करीब दो करोड़ का गबन प्रमाणित हो गया है लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकी है। प्रतिवेदन भी करीब 10 दिन पहले ही प्रस्तुत किया जा चुका है। रायगढ़ जिले में बहुत अजीब सा सिस्टम है। यहां हर साल जो समिति गड़बड़ी करती है, उसे विशेष छूट दी जाती है। चाहे गाताडीह हो या उलखर, यहां हर साल बोगस खरीदी की शिकायत आती है। वर्ष 19-20 में भी ऐसा ही हुआ। लेकिन इस बार कलेक्टर ने गबन करने वाली समितियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया था। जैमूरा समिति में करीब 1.28 करोड़ के गबन पर अध्यक्ष, प्रबंधक, संचालक मंडल सदस्य समेत करीब 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। सहकारिता विभाग से जांच प्रतिवेदन मांगा गया और खाद्य विभाग ने एफआईआर दर्ज कराई। इसी तरह सारंगढ़ की उलखर समिति में 2.99 करोड़ के गबन की पुष्टि सहकारिता विभाग के जांच प्रतिवेदन में की गई। उलखर समिति के अध्यक्ष, प्रबंधक समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। अध्यक्ष राजू निषाद को तो फिल्मी स्टाइल में गिरफ्तार भी किया गया। लेकिन गाताडीह समिति पर बात अटक गई। कलेक्टर ने टीएल बैठक में भी गाताडीह समिति पर कार्रवाई का आदेश दिया था। इसके बाद सहकारिता विभाग से प्रतिवेदन मांगा गया था। सूत्रों के मुताबिक करीब दस दिन पहले ही जांच रिपोर्ट खाद्य विभाग को मिल चुकी है। इसमें करीब साढ़े पांच हजार क्विंटल धान का गबन पाया गया। गाताडीह समिति में करीब दो करोड़ का गबन पाया गया है। यह आंकड़ा समिति के फाइनलाइजेशन के बाद ही सामने आया है। अब एफआईआर दर्ज की जानी है क्योंकि एक दिसंबर से नए सत्र की खरीदी प्रारंभ होने वाली है।
पंजीयन में खुल गई गड़बड़ी की पोल: गाताडीह समिति के अंतर्गत कोसीर, जशपुर और गाताडीह तीन खरीदी केंद्र आते हैं। किसान पंजीयन में भी गड़बड़ी साफतौर से सामने आई है। सबसे ज्यादा किसानों और रकबे की कटौती इसी समिति से हुई है। जिले में सबसे ज्यादा खाद की खपत भी इसी समिति में होती है। गिरदावरी से चेक करने पर कई किसानों के नाम पर फर्जी रकबे की एंट्री का पता चला। इस समिति में पिछले कई सालों से करोड़ों का भ्रष्टाचार किया जा चुका है। करीब एक हजार हे. रकबे की कटौती इस साल की गई है, जिसमें पिछले साल तक खरीदी की गई है।
रायपुर तक लगाई दौड़, राजनीतिक संरक्षण मांगा: सूत्रों के मुताबिक गाताडीह समिति अध्यक्ष, प्रबंधक समेत संचालक मंडल सदस्यों के विरुद्ध एफआईआर का खाका तैयार हो गया था। प्रशासन ने धान की भरपाई के लिए आखिरी बार मौका दिया। इस बीच कुछ धान की भरपाई तो की गई लेकिन करीब साढ़े पांच हजार क्विंटल धान शेष रह गया। बारदाने कमी, प्रशासनिक एवं प्रासंगिक व्यय मिलाकर गबन का आंकड़ा करीब दो करोड़ है। सरकार को इतना नुकसान पहुंचाने के बाद भी बचने के लिए रास्ते निकाल लिए गए। बताया जा रहा है कि समिति अध्यक्ष और प्रबंधक को बचाने के लिए रायपुर तक दौड़ लगाई गई।

लाइव कैलेंडर

March 2021
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
293031  

LIVE FM सुनें