अंजनी स्टील के ठेकाकर्मी का शव बिना पीएम कैसे हो गया गायब

रायगढ़। जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में स्थित अंजनी स्टील में काम के दौरान एक श्रमिक की अचानक तबीयत बिगड़ गई…और अस्पताल में इलाज के दौरान ही कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में यह जानकारी मिली कि मृतक कंपनी कर्मी का शव अस्पताल के ही शवगृह में रखा हुआ है। लेकिन शव गृह में उस कंपनी कर्मी का शव नहीं है। ना ही इसकी सूचना अस्पताल कैंपस के भीतर स्थित पुलिस सहायता केन्द्र में है।

कंपनी प्रबंधन और ठेकेदार ने सुलटाया मामला

अंजनी स्टील के प्रबंधन की अेार से हरिओम विश्वकर्मा और ठेकेदार नागेश बरेठ की ओर से पूरे मामले में जोरदार मैनेजमेंट करने की बात सामने आ रही है। जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार उद्योग के भीतर ही उसे किसी ने एक टैबलेट दिया था, जिसे खाने के बाद उसकी तबीयत बिगडऩे लगी। ऐसे में उसके एक साथी ने उसे रायगढ़ स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उसकी उपचार के दौरान ही मौत हो गयी। कंपनी की ओर से कंपनी के सलाहकार भी मौके पर मौजूद बताए जाते हैं। बताया यह भी जा रहा है कि कंपनी प्रबंधन और ठेकेदार ने अस्पताल में अपने मैनेजमेंट का खेल दिखाते हुए अपने कर्मचारी के शव का पीएम नहीं होने दिया।

ठेकेदार को ग्रामीणों ने बनाया बंधक

ठेकेदार मृतक कर्मचारी के शव को लेकर उसके घर पहुंचा तो ग्रामीणों को माजरा समझते देर नहीं लगा। उन्होंने ठेकेदार को बंधक बना लिया और उससे मुआवजे की मांग की। जब ठेकेदार की ओर से कंपनी प्रबंधन को बंधक बनाए जाने की जानकारी दी तो कंपनी प्रबंधन ने अपने हाथ खड़े कर दिये। ठेकेदार ने शव का अंतिम संस्कार किए जाने की शर्त पर ठेकेदार ने परिजनों को २० हजार रुपए कैश दे दिया और कुल ५ लाख रुपए देने का आश्वासन दिया। लेकिन ग्रामीणों ने ठेकेदार को रस्सी को बंाध कर रखा और कहा कि जब तक मुआवजा पूरा नहीं मिलेगा तब तक वो उसे नहीं छोड़ेंगे। लेकिन रात में लघुशंका के बहाने ठेकेदार ग्रामीणों की गिरफ्त से बाहर आ गया और उसने अपना मोबाईल ही बंद कर दिया। अब कंपनी प्रबंधन का भी कहना है कि उसका ठेकेदार से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।