दंतेवाड़ा में चला कांग्रेस का दांव, देवती कर्मा 11 हज़ार 192 वोटों जीती चुनाव ….पढ़िये रायगढ़ रिपोर्टर

मुख्यमंत्री से भिड़ंत थी दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की
अब चित्रकोट में कांग्रेस पहले दिन से है भारी


रायपुर:- दंतेवाड़ा विधानसभा उपचुनाव में राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस ने भाजपा को शिकस्त दी है। 2018 में हुए राज्य विधानसभा चुनाव के बाद हुआ ये प्रदेश का उपचुनाव था। यहां से कांग्रेस की देवती कर्मा ने भाजपा की ओजस्वी मंडावी को हराया है। यह उपचुनाव दंतेवाड़ा के भूतपूर्व भाजपा विधायक भीमा मंडावी की नक्सल हत्या के बाद खाली हुई सीट पर हुआ था। यहां का चुनाव जीतकर कांग्रेस ने बस्तर संभाग में अपनी पैठ मजबूत बना ली है। इस संभाग की यह अकेली सीट थी जहां भाजपा के विधानसभा चुनाव में जीत मिली थी,लेकिन उपचुनाव के बाद यहां कांग्रेस का कब्जा हो गया है।

दंतेवाड़ा में जीत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रतिष्ठा का सवाल बना था, तो दो पूर्व मुख्यमंत्रियों डा.रमन सिंह व अजीत जोगी ने भी यहां जमकर ताकत झौंकी थी,लेकिन कांग्रेस की लामबंदी के आगे दोनों को पराजय का समान करना पड़ा है। कुल मिलाकर ये चुनाव मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए सबसे बड़ा सियासी मैदान बना था। राज्य सरकार के सभी वरिष्ठ मंत्री भी यहां चुनाव प्रचार के लिए गए थे। नक्सल प्रभावित बस्तर के दंतेवाड़ा में चुनाव लड़ रही दोनों आदिवासी महिला प्रत्याशी सीधे तौर पर नक्सल हिंसा से पीडि़त परिवार से हैं। दोनों के पति की जान नक्सलियों ने ली है।

अब चित्रकोट की बारी

दंतेवाड़ा विधानसभा चुनाव के बाद अब बस्तर में ही चित्रकोट विधानसभा उप चुनाव की बारी है। बस्तर लोकसभा क्षेत्र की यह सीट यहां के कांग्रेस विधायक दीपक बैज के सासंद बनने के बाद खाली हुई है। इस सीट पर अब होने वाला चुनाव दंतेवाड़ा के परिणाम से प्रभावित हो सकता है। दरअसल चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र के ही लोहांडीगुड़ा में आदिवासियों की जमीनों के बेजा अधिग्रहण का मुद्दा कांग्रेस अपने पक्ष में करने में सफल हुई है। टाटा कंपनी के लिए तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा आदिवासियों की जमीन अधिग्रहीत की गई थी लेकिन उस पर दस साल बाद भी संयंत्र नहीं लगा,कांग्रेस सरकार ने आदिवासियों की यह जमीन उन्हें वापस लौटाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ भाजपा पूरी तरह बैकफुट पर है। माना जा रहा है कि यहां कांग्रेस की स्थित पहले ही मजबूत है। यहां के चुनाव के लिए अब कांग्रेस भाजपा ने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। लेकिन नामांकन लेने की प्रक्रिया शुरु हो गई है।