गुरुदेव काश्यप का व्यक्तित्व व उनकी पत्रकारिता युवा पीढ़ी के लिए अनुकरणीय

व्यवसायिकता के इस दौर में चुनौतीपूर्ण कार्य है पत्रकारिता
गुरुदेव काश्यप की स्मृति में पत्रकारिता पुरस्कार व सम्मान समारोह संपन्न

रायगढ़। पत्रकारिता जगत के पितामह गुरुदेव काश्यप की स्मृति में पत्रकारिता पुरस्कार व सम्मान समारोह बुधवार को भव्य व गरिमामय रूप से पालिटेक्निक आडिटोरियम में संपन्न हुआ। समारोह में देश के वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैय्यर, सांसद श्रीमती गोमती साय, कलेक्टर यशवंत कुमार, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह के साथ शहर व जिले के पत्रकारगण, गणमान्य नागरिक व स्व. गुरुदेव काश्यप के पारिवारिक सदस्य शामिल हुए।
शहर के पत्रकार साथीगण व स्व. गुरुदेव काश्यप के परिवार के सहयोग से आयोजित गुरुदेव काश्यप स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार व सम्मान समारोह का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन व महात्मा गांधी, गुरुदेव काश्यप के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया। इस मौके पर अतिथियों ने गुरुदेव काश्यप के व्यक्तित्व व उनकी पत्रकारिता पर वक्तव्य देते हुए भावी व युवा पीढ़ी के लिए उन्हें अनुकरणीय बताया। उन्होंने वर्तमान दौर में पत्रकारिता को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि एक पत्रकार के समक्ष कई विपरीत परिस्थितियां आती हैं। उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। व्यवसायिकता के इस दौर में प्रबंधन व अपने पेशे के प्रति सामंजस्य बिठाकर ईमानदारी व हिम्मत के साथ कार्य करने की जरूरत है।
वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैय्यर, शशिकांत शर्मा, रोशनलाल अग्रवाल, रमेश अग्रवाल, वेदमणि सिंह ठाकुर, सांसद श्रीमती गोमती साय ने स्व. गुरुदेव काश्यप के साथ बिताए उन क्षणों को याद करते हुए कहा कि गुरुदेव काश्यप ने पत्रकारिता के क्षेत्र में ऐसी मिसाल पेश की है, जिसके कारण उनका नाम इतिहास में दर्ज हो गया है। वे अपने कार्य के प्रति ईमानदार, अडिग रहते थे। किसी भी विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने समझौता नहीं किया। उनके समक्ष कई चुनौतियां आईं, जिनका उन्होंने जीवटता के साथ सामना किया, जिसके बलबूते आज पत्रकारिता जगत में उनका नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा चुका है। उन्होंने युवा पत्रकारों को सीख देते हुए गुरुदेव काश्यप के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन जिला प्रेस एसोसिएसशन के अध्यक्ष रामचंद्र शर्मा ने रोचक ढंग से किया। वरिष्ठ पत्रकार अनिल रतेरिया ने आभार प्रदर्शन करते हुए गुरुदेव काश्यप जी के साथ अपने कार्य का अनुभव व संस्मरण सुनाया। इस मौके पर देव चौबे, हर्षा चौबे, नीरज झा, वरिष्ठ पत्रकार हरेराम तिवारी, संजय बोहिदार, महेश शर्मा, अनिल पांडेय, सुनील नामदेव, सत्यजीत मुखर्जी, टिल्लू शर्मा, नरेंद्र कश्यप, विवेक श्रीवास्तव, अभिषेक उपाध्याय, पंकज तिवारी, लोकेंद्र सिंह, संतोष साव, अमित शर्मा, महादेव पडि़हारी, राजेश यादव, रमेश अग्रवाल खरसिया, चितरंजन कुमार, नीलेश मिश्रा, मनोज देवांगन, हीरादास बैरागी, रोहित नामदेव, गुरुपाल भल्ला, आलोक सिंह, सरबजीत सिंह, बीना चौहथा, सुशीला चौहान, त्रिवेणी डाहिरे सहित बड़ी संख्या में शहर व जिले के पत्रकारगण व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

पूर्वाग्रह व अतिरेक से दूर रहें पत्रकार: एसपी सिंह

पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने अपने प्रभावशाली वक्तव्य में कहा कि आजादी की लड़ाई में भी अखबारों की अहम् भूमिका रही। उन्होंने महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए उन्हें एक बड़ा पत्रकार बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी देश ने मीडिया को चौथे स्तंभ के रूप में मान्यता दी, ताकि देश के तीन विधानपालिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका के कार्यों पर नजर रखी जा सके। उन्होंने पत्रकारों को सीख देते हुए कहा कि वे किसी खबर में खुद को जजमेंट के रूप में शामिल न करें। इसी तरह किसी खबर को सनसनीखेज बनाने किसी भी प्रकार के पूर्वाग्रह व अतिरेक से दूर रहें, ताकि उनकी व खबर की विश्वसनीयता कायम रहें। उन्होंने पत्रकारों की स्थिति पर भी बेबाक टिप्पणी करते हुए कहा कि अल्प वेतन व व्यवसायिकता के इस दौर में पत्रकारिता करना काफी कठिन कार्य है, उसके बाद भी समाज व राष्ट्र हित को हमें सर्वोपरि रखना होगा।

पापा से मिली सीख, कार्य के प्रति समर्पित होना जरूरी: हर्षा चौबे
स्व. गुरुदेव काश्यप की पुत्री श्रीमती हर्षा चौबे झा ने अपने भावुक भाषण में अपने पिता के साथ बिताए उन क्षणों को याद किया, जब उन्होंने संसाधन के अभावों के बीच महानगरों से मिले बड़े अखबारों में काम करने के मौके को छोड़कर रायगढ़ में अखबार की शुरुआत की और किस तरह संघर्ष करते हुए ‘रायगढ़ संदेशÓ को शिखर तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि हालांकि अपने पिता से पत्रकारिता का एक अंश भी वो न ले पाईं, लेकिन पापा से यही सीख मिली कि अपने कार्य के प्रति पूर्णत: समर्पण का भाव जरूरी है। यही सीख उन्होंने युवा पत्रकारों को देते हुए कहा कि वे समर्पित होकर कार्य करें।

लोकेंद्र व रामकृष्ण को मिला गुरुदेव काश्यप स्मृति पुरस्कार
शहरी व ग्रामीण क्षेत्र से क्रमश: लोकेंद्र सिंह ठाकुर व रामकृष्ण पाठक को गुरुदेव काश्यप स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से नवाजा गया। उन्हें पुरस्कार के रूप में स्मृति चिह्न व 5001 रुपए नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी तरह गुरुदेव काश्यप के सहकर्मी के रूप में वरिष्ठ पत्रकार रमेश अग्रवाल, अनिल रतेरिया, अनिल पांडे, महेश शर्मा, यशवंत ठाकुर को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। गुरुदेव काश्यप स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार के तहत विशेष प्रोत्साहन के रूप में विश्वनाथ राय, शोभादास मानिकपुरी, मोहनलाल नायक, श्याम नारायण श्रीवास्तव, गजानंद निषाद, गोल्डी लहरे, लक्ष्मीनारायण लहरे, संतोष कुमार साव, सुजीत कर, प्रमोद सोनवानी, हेमसागर श्रीवास, अमित शर्मा, अभिषेक उपाध्याय को भी स्मृति चिह्न व नगद राशि से सम्मानित किया गया।