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पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, सरकार के फूले हाथ पांव, धान खरीदी, राजस्व एवं रजिस्ट्री होगी प्रभावित

. रायपुर(15दिसंबर2020)। एक तरफ राज्य सरकार अपने कार्यकाल के 2 साल पूरा होने पर प्रदेश के अलग अलग हिस्से में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी सरकार की उपलब्धि बता रहे है लेकिन वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है। सरकार 2 साल पूरा होने पर जश्न मनाने की तैयारी में है लेकिन पटवारी,रोजगार सहायक के साथ विद्यामितान और अनेक संगठन सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। प्रदेश की राजधानी रायपुर समेत हर जिले में पटवारी अब अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। काम-काज में आ रही तकनीकी दिक्कतों की वजह से पटवारियों ने धरना और विरोध प्रदर्शन की राह पकड़ ली है। सोमवार को रायपुर में पटवारियों ने धरना दिया। इसके साथ ही अब पटवारियों के आंदोलन का बिगुल फूंका जा चुका है। जांजगीर चांपा, जशपुर, सरगुजा, मुंगेली, कोंडागांव और दुर्ग के पटवारियों ने काम बंद कर दिया है। सभी प्रमुख जिलों से पटवारी इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।

क्या है पटवारी संघ की 07 प्रमुख मांग –
राजस्व पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि किसी भी पटवारी के पास, कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर की सुविधा नहीं है। जबकि राजस्व विभाग अपने कामों को डिजिटल करने पर जोर दे रहा है। ऐसे में काम करने में हमें काफी परेशानी हो रही है। इन बातों से कई बार राजस्व मंत्री और विभाग के आला अफसरों को सूचित किया जा चुका है।
साथ ही प्रदेश के पटवारी चाहते हैं कि वरिष्ठता के आधार पर पटवारियों को राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया जाए।
विभागीय जांच के बिना किसी भी पटवारी पर एफआईआर दर्ज ना हो।
महंगाई और स्टेश्नरी के लिए कुल दो हजार रुपए हर महीने भत्ते के तौर पर दिए जाएं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पटवारियों को भी नक्सल भत्ता दिया जाए।
मुख्यालय निवास की बाध्यता समाप्त हो।
अतिरिक्त हलके के प्रभार के लिए पटवारियों के मूल वेतन का 50 प्रतिशत राशि भत्ते के रूप में दिया जाए।
वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए।

भ्रामक खबरें प्रसारित कर आंदोलन कमजोर करने का प्रयत्न –
आंदोलन की खबर मिलते ही यह बातें भी सामने आने लगी कि इस आंदोलन में प्रदेश के पटवारी शामिल नहीं हो रहे हैं। कुछ लेटर भी जारी किए गए जिसमें बेमेतरा जिले के पटवारियों ने इस आंदोलन के समर्थन ना करने की बात लिखी। इस पर स्थिति साफ करते हुए संघ प्रमुख ने बताया कि आंदोलन राजस्व पटवारी संघ कर रहा है। छत्तीसगढ़ पटवारी संघ के नाम से एक और संगठन है जिसमें कुछ ही पटवारी शामिल उस संगठन ने हमें समर्थन नहीं दिया है। 4800 से अधिक पटवारी इस आंदोलन में शामिल हैं।

राजस्व का काम होगा प्रभावित –
पटवारियों के आंदोलन की खबर से राजस्व महकमा घबराया हुआ है। प्रदेश में धान खरीदी की जा रही है। किसानों के खेत के रकबे से जुड़ा हर काम पटवारी ही करते है, जोकि ठप होने जा रहा है। जमीन की रजिस्ट्री काम भी बुरी तरह से फंसेगा। राजस्व विभाग की सचिव रीता शांडिल्य ने एक आदेश भी जारी किया है, जिसमें आंदोलन करने वाले पटवारियों को चेताया गया है। ऑर्डर में कहा गया है कि काम पर ना लौटने की स्थिति में उन पर कार्रवाई हो सकती है। संघ के प्रमुख ने कहा है अब चाहे जो भी हो पटवारी हड़ताल जारी रखेंगे।

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