मां वैष्णव देवी मंदिर प्रांगण में भी काव्य रस की धारा.…..पढ़िये रायगढ़ रिपोर्टर

? खरसिया : नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राम उल्दा में मां वैष्णव देवी पावन धाम परिसर में विराट हास्य कवि सम्मेलन 2019 का आयोजन किया गया। कवयित्री श्रीमती प्रियंका पुरुषोत्तम गुप्ता ‘प्रिया’ के शानदार संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में बहुत दूर-दूर से प्रसिद्ध कवियों का आगमन उल्दा गांव में हुआ। नागपुर महाराष्ट्र से छत्तीसगढ़ की धरती पर पधारे हास्य व्यंग्य के प्रसिद्ध कवि, टेलीविजन फेम आर. बी. गुप्ता ‘एहसास’ जी, धरमजयगढ से छंदकार पुरुषोत्तम ठेठवार जी, कला नगरी रायगढ़ से राष्ट्रीय कवि संगम रायगढ़ के कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप कुमार ‘गुमसुम’ जी, तमनार से श्रृंगार रस के प्रसिद्ध युवा हस्ताक्षर तेज राम नायक जी, बिलाईगढ़ से छत्तीसगढ़िया अस्मिता के सुरीले गायक शशिभूषण स्नेही जी, खरसिया नवसृजन साहित्य एवं कला मंच के अध्यक्ष मनमोहन सिंह ठाकुर जी, अंचल के सक्रिय व्यक्तित्व, युवा साहित्यकार राकेश नारायण बंजारे जी सहित सभी कवि मंच पर विराजमान थे। कार्यक्रम संचालक राकेश नारायण बंजारे ने कार्यक्रम के औपचारिक उद्घाटन के लिए समिति के पदाधिकारियों एवं कवि गणों को मंच पर सादर आमंत्रित किया। मां शारदे की पूजन वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। आमंत्रित कवि गणों का मां वैष्णव देवी सेवा समिति ग्राम उल्दा के पदाधिकारियों द्वारा पुष्प हार, गुलदस्ते से स्वागत अभिनंदन किया गया। जिसमें बिशेष रूप उपस्थित रहे युवा नेता सामाजिक कार्यकर्ता जयप्रकाश डनसेना ,समिति अध्यक्ष छेदी लाल राठिया, उपा. विजय कुमार जायसवाल, कोषाध्यक्ष मुखी राम राठिया, हरि शंकर यादव, दिनेश जायसवाल, भगवती बाई साहू (पंच), मुकेश पटेल, सत्येंद्र जायसवाल, नंदकुमार, लक्ष्मण, जानकी प्रसाद गुप्ता ,मोहन पटेल, लक्षमण जायसवाल,रवि जायसवाल ,एवं विराट हास्य कवि सम्मेलन के सूत्रधार गंगाधर दास वैष्णव द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम के विशेष सहयोगी पुरुषोत्तम गुप्ता जी का समिति ने स्वागत, सम्मान किया। कवि सम्मेलन में संचालन का दायित्व संभाल रहे गीतकार शशिभूषण स्नेही ने प्रारंभ से ही हास्य व्यंग्य की ऐसी छटा बिखेरी कि श्रोता अपने स्थान पर जम गए। सर्वप्रथम काव्य पाठ के लिए पुरुषोत्तम ठेठवार ने मंच पर अपनी दमदार उपस्थिति दी, श्रोताओं को खूब हँसाया। श्रृंगार के कवि तेजराम नायक ने शादीशुदा और कुंवारों पर अपनी व्यंग्य कसी तो वहीं प्रदीप कुमार गुमसुम ने शादीशुदा और कुंवारों के साथ-साथ मौखिक विवाहित प्रेमी-प्रेमिकाओं की व्यथा पर विलाप कर श्रोताओं के मन को खूब गुदगुदाया। मनमोहन सिंह ठाकुर के देशभक्ति रचना ने सभी का मन मोह लिया साथ ही साथ बफे सिस्टम पर उनके व्यंग्य ने तहलका मचा दिया। आर. बी. एहसास ने दैनिक जीवन की छोटी-छोटी घटनाओं को हास्य में पिरोकर महफिल ठहाकों से भर दिया, जिंदगी की संजीदगी को हास्य-व्यंग्य सरीखे मोतियों की माला में पिरोकर ऐसा शमा बांधा कि श्रोता वंस मोर – वंस मोर चिल्लाने लगे। तो वहीं मंच पर गरिमामय विराजमान कवयित्री प्रियंका गुप्ता प्रिया ने मां वैष्णव देवी की आराधना में भक्तों को सम्मोहित कर लिया, ‘मां वैष्णव की कथा सुनाएं, सुन लो भक्तों ध्यान लगाय’ को सर्वाधिक तालियों की सौगात मिली। बहुत देर तक भक्ति रस में डूबे श्रोताओं को संचालक स्नेही जी ने पुनः चुटीले हास्य व्यंग्य से धरातल पर लाया साथ ही साथ छत्तीसगढ़ भुईयां के वंदन ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। तत्पश्चात आमंत्रित किया अंचल के युवा साहित्यकार राकेश नारायण बंजारे को। राकेश नारायण ने कवियों पर व्यंग्य बाण छोड़ते छत्तीसगढ़ी प्राचीन संस्कृति की तान छेड़ यादों के गलियारों में झांकने मजबूर कर दिया। हास्य-व्यंग्य की काव्य धारा अविरल देर तक बहती रही। अंत में समिति पदाधिकारियों द्वारा सभी कवियों का प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न, श्रीफल द्वारा सम्मान किया गया। उपस्थित श्रोताओं एवं आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई। .