ग्राम पंचायत कसडोल में आदिवासी किसान की कब्जा वाली भूमि में बनाया जा रहा है बाजार शेड। किसान ने की कलेक्टर व राजस्व मंत्री से शिकायत।

बाजार शेड के विषय मे ग्राम कसडोल निवासी एक किसान ने अपनी शिकायत जिला प्रशासन और राजस्व मंत्री से की है।

तमनार। मामला तमनार विकासखंड के ग्राम पंचायत कसडोल का है। जहाँ पंचायत भवन के पास खाली पड़े आबादी जमीन में बाजार शेड का निर्माण कराया जा रहा है। जिसे लेकर ग्राम के ही रामसिंह सिदार ने आपत्ति दर्ज कराते हुए,उक्त निर्माणाधीन भूमि में विगत 20 से 25 वर्षो तक खेती करने व अपने कब्जे में होने की बात कही,रामसिंह का कहना है कि उक्त भूमि के अगल बगल में उसका निजी भूमि है। और जिस भूमि में बाजार शेड का निर्माण कराया जा रहा है उसमें वो पिछले कई वर्षों से खेती करते आ रहा है। बाजार शेड के बनने से उसको काफी नुकसान होगा। पानी निकासी सहित खेती वाली भूमि को भी नुकसान होगा। रामसिंह का कहना है कि जहां बाजार शेड बनाया जा रहा है, वह बाजार के लिए काफी छोटा जगह है। और जगह कम होने के कारण शेड के अगल बगल में जो उसकी खेती वाली भूमि है उसे भी नुकसान होगा। अगर बाजार शेड बनवाना ही है तो गांव में बहुत सी शासकीय भूमि है जो बाजार के लिए उपयुक्त और बड़ा भी है जहां बाजार के साथ साथ वाहन पार्किंग के लिए भी जगह मिल जाएगी। रामसिंह का कहना है कि पंचायत द्वारा प्रस्तावित भूमि में वो कई वर्षों से खेती करते आ रहा है और बाजार शेड वही बनवाना है उक्त भूमि के बदले वो अपनी निजी भूमि बाजार शेड के लिये दे सकता है। लेकिन पंचायत ने उनका प्रस्ताव नही माना।
वहीं सरपंच ग्राम पंचायत कसडोल का कहना है कि बाजार शेड निर्माण के लिए प्रतावित भूमि शासकीय है। ग्राम सभा मे रामसिंह जी को बुलाया गया था लेकिन वो नही आए। उनको यदि कोई समस्या है तो पंचायत में बोल सकते हैं उसका निराकरण किया जाएगा। भूमि के बदले भूमि देने वाली बात की जानकारी हमे नही है। बाजार शेड का निर्माण गांव के विकास और जनहित में है जो ग्राम सभा द्वारा पारित होने के बाद कराया जा रहा है।