भारी पड़ी महाराज की अनदेखी, जिद से गई सरकार…14 महीने बाद फिर शिवराज सरकार ?

भोपाल- गुना महाराज की अनदेखी कांग्रेस को भारी पड़ गई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद पार्टी के 19 विधायकों ने भी उनके समर्थन में इस्तीफा दे दिया है। एक साथ बड़ी संख्या में विधायकों के इस्तीफा के बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई है। इससे सरकार का गिरना तय हो गया है। प्रदेश में कांग्रेस की 114 सीटे है जिसमें 19 विधायकों ने इस्तीफा देकर पार्टी से किनारा कर लिया है। बहुमत के लिए 105 विधायक चाहिए ऐसे में सरकार का गिरना तय है।

सिंधिया ने मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह से मुलाकात की फिर कुछ देर बाद सोनिया गांधी के नाम इस्तीफा भेज दिया। शाम को बीजेपी की बैठक में सिंधिया बीजेपी प्रवेश करेंगे। वहीं इस्तीफा के बाद सिंधिया का राज्यसभा जाने का रास्ता साफ हो गया है। बीजेपी उन्हें राज्यसभा भेजेगी।इसके साथ ही शिवराज सिंह दोबारा सीएम बन सकते है।

दोनों मे थी टकराहट – सीएम कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया सरकार बनने के साथ ही टकराहट की शुरुआत हो गई थी। दोनों ही सीएम के प्रबल दावेदार थे इनमें राहुल गांधी ने कमलनाथ पर भरोसा जताया था और सिंधिया को थोड़ा इंतजार करने कहा था। उसके साथ बीते साल भर से हर मौके पर दोनों में टकराहट की खबरे लगातार आती रही। सिंधिया युवा और तेजतर्रार नेता माने जाते है। गुना में उनका अलग रुतबा है। अपनी ही सरकार में अपेक्षित महसूस करते सिंधिया का सब्र राज्यसभा की लेकर टूट गया। मौके की ताक जोह रही बीजेपी ने अवसर को तत्काल भूना लिया। अब 14 महीने बाद मध्यप्रदेश में फिर शिवराज सरकार होगी।