जीवन मे संघर्ष और परेशानियों को एक मौके के रुप मे लेना चाहिये– ओ पी चौधरी

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रायगढ़/बायंग :- एक छोटी सी स्टोरी के माध्यम से आपको समझाना चाहूँगा । एक गाँव में दो लोगों की प्रतियोगिता हुई जिसमें जीतने वाले को सारी चीजें मिलने वाली थी। प्रतियोगिता में 2 रास्ते थे एक रास्ता ऐसा था जिसमे शुरू का आधा उबड़ खाबड़ ,खाई, पत्थर था बाकी बचा एकदम साफ रस्ता। वहीं दूसरा रास्ता जो था उसमें पहले साफ सुथरा था बाद में उबड़ खाबड़ , पत्थर चट्टान । किसको कौन सा रास्त मिलेगा ये एक टॉस से निर्धारित किया गया । सुदीप को पहले उबड़ खाबड़ वाला रास्ता मिला और रामु को पहले प्लेन साफ वाला । दोनों ने भागना शुरू किया । रामु प्लेन रास्ते पर आसानी से चल रहा था ।अब वो पूरी तरह आत्मविश्वास से भर गया कि मैं चैंपियन हूँ अब।और सुदीप परेशानी और कठिन परिश्रम करते हुए आगे बढ़ता गया । आधे रास्ते पूरे होने के बाद अब रामु के सामने चैलेंज था कि अब वो उस ऊबड़ खाबड़ रास्ते पर कैसे चले । आत्मविश्वास से भरा रामु डगमगाने लगा क्योंकि शुरू से उसको परेशानियों की आदत नही थी ।वहीं दूसरी तरफ सुदीप के सामने बाकी बचे रास्ते पूरी तरह प्लेन और सीधा था जिसको उसने बड़ी आसानी से पार कर लिया ।अन्ततः सुदीप अपने लक्ष्य तक पहुंचा और रामु उन रास्तों में ही उलझ कर रह गया ।

जिनके जीवन के आधे रास्ते उबड़ खाबड़ और परेशानियों से भरे होते हैं आगे बचे रास्ते पर वो बहुत आसानी से चल सकते हैं इसलिए ऐसी परिस्थितियों से हमें भागना नहीं चाहिए बल्कि इन्तेजार करना चाहिए जो हमें मजबूत बनाती हैं ।